आने वाले पावन दिन भारत के पंचांग के अनुसार अगले तीन महीनों के व्रत और पर्व, साथ में वे पूजाएँ जो परिवार परंपरा से इन दिनों करवाते हैं।
सभी पूर्णिमा अमावस्या एकादशी प्रदोष संकष्टी मासिक शिवरात्रि संक्रांति
अक्टूबर 2026 23 शुक्र
प्रदोष व्रत आज · , शुक्र, 23 अक्टू॰ · , आश्विन शुक्ल त्रयोदशी
प्रदोष व्रत त्रयोदशी की संध्या में भगवान शिव की आराधना का पावन अवसर है। प्रदोष काल में महादेव की पूजा करें और अपनी चिंताएँ उनके चरणों में अर्पित करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
26 सोम
आश्विन पूर्णिमा 3 दिन में · , सोम, 26 अक्टू॰ · , आश्विन पूर्णिमा
पूर्णिमा का पावन दिन भगवान विष्णु को समर्पित है — सत्यनारायण कथा, दान और स्नान के लिए श्रेष्ठ। चंद्रदेव को अर्घ्य दें और अपने घर में सुख-शांति का आह्वान करें।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
29 गुरु
करवा चौथ 6 दिन में · , गुरु, 29 अक्टू॰ · , आश्विन कृष्ण चतुर्थी
सुहागिन स्त्रियाँ पति की दीर्घायु के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं, संध्या को व्रत कथा सुनती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
29 गुरु
संकष्टी चतुर्थी 6 दिन में · , गुरु, 29 अक्टू॰ · , आश्विन कृष्ण चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी विघ्नहर्ता श्री गणेश का व्रत है। दिनभर उपवास रखें और चंद्रदर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलें।
इस दिन की पूजा: गणेश पूजा
नवंबर 2026 5 गुरु
एकादशी 13 दिन में · , गुरु, 5 नव॰ · , आश्विन कृष्ण एकादशी
भगवान विष्णु को समर्पित पावन व्रत — उपवास, संयम और हरि-नाम के जप के साथ। एकादशी का व्रत मन को निर्मल करता है और आपके घर पर प्रभु की कृपा बरसाता है।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
6 शुक्र
धनतेरस 14 दिन में · , शुक्र, 6 नव॰ · , आश्विन कृष्ण त्रयोदशी
दीपोत्सव का आरंभ। धन्वंतरि और कुबेर की पूजा करें, संध्या को द्वार पर यम दीपक जलाएँ और समृद्धि के लिए नए बर्तन या स्वर्ण घर लाएँ।
इस दिन की पूजा: लक्ष्मी पूजा (दीपावली)
6 शुक्र
प्रदोष व्रत 14 दिन में · , शुक्र, 6 नव॰ · , आश्विन कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष व्रत त्रयोदशी की संध्या में भगवान शिव की आराधना का पावन अवसर है। प्रदोष काल में महादेव की पूजा करें और अपनी चिंताएँ उनके चरणों में अर्पित करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
7 शनि
मासिक शिवरात्रि 15 दिन में · , शनि, 7 नव॰ · , आश्विन कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण चतुर्दशी की यह रात्रि भगवान शिव को समर्पित है। व्रत रखें, शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें और रात्रि में “ॐ नमः शिवाय” का जप करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
8 रवि
दीपावली (लक्ष्मी पूजन) 16 दिन में · , रवि, 8 नव॰ · , आश्विन अमावस्या
प्रकाश का महापर्व। कार्तिक अमावस्या के प्रदोष काल में माँ लक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा करें और समृद्धि के स्वागत में घर को दीपों से भर दें।
इस दिन की पूजा: लक्ष्मी पूजा (दीपावली) , गणेश पूजा
8 रवि
आश्विन अमावस्या 16 दिन में · , रवि, 8 नव॰ · , आश्विन अमावस्या
अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित है। उनकी स्मृति में तर्पण करें, दीपक जलाएँ और अपने परिवार के लिए उनका आशीर्वाद माँगें।
इस दिन की पूजा: पितृ पक्ष श्राद्ध
10 मंगल
गोवर्धन पूजा 18 दिन में · , मंगल, 10 नव॰ · , कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
श्रीकृष्ण द्वारा ब्रज की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाने का स्मरण। गोबर से गोवर्धन बनाएँ, अन्नकूट का भोग लगाएँ और गौ-पूजा करें।
11 बुध
भाई दूज 19 दिन में · , बुध, 11 नव॰ · , कार्तिक शुक्ल द्वितीया
बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं, जैसे यमुना ने यमराज के लिए किया था। भाई स्नेह और उपहार से उन्हें आशीर्वाद देते हैं।
15 रवि
छठ पूजा 23 दिन में · , रवि, 15 नव॰ · , कार्तिक शुक्ल षष्ठी
सूर्यदेव और छठी मैया का महापर्व। व्रती संध्या को जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और अगली सुबह उगते सूर्य को।
16 सोम
वृश्चिक संक्रांति 24 दिन में · , सोम, 16 नव॰
आज सूर्यदेव वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं — पवित्र स्नान, दान और सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ दिन।
इस दिन की पूजा: नवग्रह शांति
20 शुक्र
एकादशी 28 दिन में · , शुक्र, 20 नव॰ · , कार्तिक शुक्ल एकादशी
भगवान विष्णु को समर्पित पावन व्रत — उपवास, संयम और हरि-नाम के जप के साथ। एकादशी का व्रत मन को निर्मल करता है और आपके घर पर प्रभु की कृपा बरसाता है।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
22 रवि
प्रदोष व्रत 30 दिन में · , रवि, 22 नव॰ · , कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी
प्रदोष व्रत त्रयोदशी की संध्या में भगवान शिव की आराधना का पावन अवसर है। प्रदोष काल में महादेव की पूजा करें और अपनी चिंताएँ उनके चरणों में अर्पित करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
24 मंगल
कार्तिक पूर्णिमा 32 दिन में · , मंगल, 24 नव॰ · , कार्तिक पूर्णिमा
पूर्णिमा का पावन दिन भगवान विष्णु को समर्पित है — सत्यनारायण कथा, दान और स्नान के लिए श्रेष्ठ। चंद्रदेव को अर्घ्य दें और अपने घर में सुख-शांति का आह्वान करें।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
27 शुक्र
संकष्टी चतुर्थी 35 दिन में · , शुक्र, 27 नव॰ · , कार्तिक कृष्ण चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी विघ्नहर्ता श्री गणेश का व्रत है। दिनभर उपवास रखें और चंद्रदर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलें।
इस दिन की पूजा: गणेश पूजा
दिसंबर 2026 4 शुक्र
एकादशी 42 दिन में · , शुक्र, 4 दिस॰ · , कार्तिक कृष्ण एकादशी
भगवान विष्णु को समर्पित पावन व्रत — उपवास, संयम और हरि-नाम के जप के साथ। एकादशी का व्रत मन को निर्मल करता है और आपके घर पर प्रभु की कृपा बरसाता है।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
6 रवि
प्रदोष व्रत 44 दिन में · , रवि, 6 दिस॰ · , कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष व्रत त्रयोदशी की संध्या में भगवान शिव की आराधना का पावन अवसर है। प्रदोष काल में महादेव की पूजा करें और अपनी चिंताएँ उनके चरणों में अर्पित करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
7 सोम
मासिक शिवरात्रि 45 दिन में · , सोम, 7 दिस॰ · , कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण चतुर्दशी की यह रात्रि भगवान शिव को समर्पित है। व्रत रखें, शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें और रात्रि में “ॐ नमः शिवाय” का जप करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
8 मंगल
कार्तिक अमावस्या 46 दिन में · , मंगल, 8 दिस॰ · , कार्तिक अमावस्या
अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित है। उनकी स्मृति में तर्पण करें, दीपक जलाएँ और अपने परिवार के लिए उनका आशीर्वाद माँगें।
इस दिन की पूजा: पितृ पक्ष श्राद्ध
16 बुध
धनु संक्रांति 54 दिन में · , बुध, 16 दिस॰
आज सूर्यदेव धनु राशि में प्रवेश करते हैं — पवित्र स्नान, दान और सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ दिन।
इस दिन की पूजा: नवग्रह शांति
20 रवि
एकादशी 58 दिन में · , रवि, 20 दिस॰ · , मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
भगवान विष्णु को समर्पित पावन व्रत — उपवास, संयम और हरि-नाम के जप के साथ। एकादशी का व्रत मन को निर्मल करता है और आपके घर पर प्रभु की कृपा बरसाता है।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
21 सोम
प्रदोष व्रत 59 दिन में · , सोम, 21 दिस॰ · , मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी
प्रदोष व्रत त्रयोदशी की संध्या में भगवान शिव की आराधना का पावन अवसर है। प्रदोष काल में महादेव की पूजा करें और अपनी चिंताएँ उनके चरणों में अर्पित करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
24 गुरु
मार्गशीर्ष पूर्णिमा 62 दिन में · , गुरु, 24 दिस॰ · , मार्गशीर्ष पूर्णिमा
पूर्णिमा का पावन दिन भगवान विष्णु को समर्पित है — सत्यनारायण कथा, दान और स्नान के लिए श्रेष्ठ। चंद्रदेव को अर्घ्य दें और अपने घर में सुख-शांति का आह्वान करें।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
26 शनि
संकष्टी चतुर्थी 64 दिन में · , शनि, 26 दिस॰ · , मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी विघ्नहर्ता श्री गणेश का व्रत है। दिनभर उपवास रखें और चंद्रदर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलें।
इस दिन की पूजा: गणेश पूजा
जनवरी 2027 3 रवि
एकादशी 72 दिन में · , रवि, 3 जन॰ · , मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी
भगवान विष्णु को समर्पित पावन व्रत — उपवास, संयम और हरि-नाम के जप के साथ। एकादशी का व्रत मन को निर्मल करता है और आपके घर पर प्रभु की कृपा बरसाता है।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
4 सोम
प्रदोष व्रत 73 दिन में · , सोम, 4 जन॰ · , मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष व्रत त्रयोदशी की संध्या में भगवान शिव की आराधना का पावन अवसर है। प्रदोष काल में महादेव की पूजा करें और अपनी चिंताएँ उनके चरणों में अर्पित करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
5 मंगल
मासिक शिवरात्रि 74 दिन में · , मंगल, 5 जन॰ · , मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण चतुर्दशी की यह रात्रि भगवान शिव को समर्पित है। व्रत रखें, शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें और रात्रि में “ॐ नमः शिवाय” का जप करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप
7 गुरु
मार्गशीर्ष अमावस्या 76 दिन में · , गुरु, 7 जन॰ · , मार्गशीर्ष अमावस्या
अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित है। उनकी स्मृति में तर्पण करें, दीपक जलाएँ और अपने परिवार के लिए उनका आशीर्वाद माँगें।
इस दिन की पूजा: पितृ पक्ष श्राद्ध
15 शुक्र
मकर संक्रांति 84 दिन में · , शुक्र, 15 जन॰
सूर्यदेव उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं — तिल-गुड़, खिचड़ी, पवित्र स्नान और दान का महापर्व। यह नया प्रकाश आपके घर में उजास भर दे।
इस दिन की पूजा: नवग्रह शांति
18 सोम
एकादशी 87 दिन में · , सोम, 18 जन॰ · , पौष शुक्ल एकादशी
भगवान विष्णु को समर्पित पावन व्रत — उपवास, संयम और हरि-नाम के जप के साथ। एकादशी का व्रत मन को निर्मल करता है और आपके घर पर प्रभु की कृपा बरसाता है।
इस दिन की पूजा: सत्यनारायण कथा
20 बुध
प्रदोष व्रत 89 दिन में · , बुध, 20 जन॰ · , पौष शुक्ल त्रयोदशी
प्रदोष व्रत त्रयोदशी की संध्या में भगवान शिव की आराधना का पावन अवसर है। प्रदोष काल में महादेव की पूजा करें और अपनी चिंताएँ उनके चरणों में अर्पित करें।
इस दिन की पूजा: रुद्राभिषेक , महामृत्युंजय जाप